देहरादून में अमरजीत गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मृतक की मां बीना शर्मा, विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल और एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक अजय खन्ना शामिल हैं।
इससे पहले गुरुवार तड़के पुलिस मुठभेड़ के बाद हत्या में शामिल दो शूटरों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
एनकाउंटर के बाद दो शूटर दबोचे गए
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने देर शाम पत्रकार वार्ता में बताया कि अर्जुन शर्मा की हत्या राजू राणा और पंकज राणा (निवासी यमकेश्वर, पौड़ी) ने 12 लाख रुपये की सुपारी लेकर की थी।
बुधवार को तिब्बती मार्केट के पास राजू राणा ने अर्जुन शर्मा के सीने में गोली मारकर हत्या की थी। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस की टीमों ने पीछा करते हुए बुधवार तड़के अलग-अलग स्थानों पर दोनों से मुठभेड़ की। मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
12 लाख में तय हुई थी सुपारी, 3 लाख एडवांस
पूछताछ में शूटरों ने बताया कि हत्या के लिए 12 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी, जिसमें से 3 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
एसएसपी के अनुसार जांच में मृतक की मां बीना शर्मा का नाम सामने आया। पुलिस का कहना है कि एडवांस की राशि बीना शर्मा के पुराने परिचित विनोद उनियाल ने उपलब्ध कराई थी। अन्य आरोपियों ने भी साजिश को अंजाम देने में सहयोग किया।
14 करोड़ की प्रॉपर्टी डील बना विवाद की वजह
जांच में सामने आया है कि अर्जुन शर्मा का अपनी मां और उनके सहयोगियों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जीएमएस रोड स्थित अमरजीत गैस एजेंसी की संपत्ति का लगभग 14 करोड़ रुपये में सौदा हुआ था, जिसमें से 8 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका था।
शेष रकम और मालिकाना हक को लेकर विवाद बढ़ता गया। पुलिस के अनुसार इसी विवाद के चलते अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा ने बुधवार को संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।












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