नैनीताल/भीमताल (कमल जगाती)
देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में भगवान शिव का वास माना जाता है। शिवरात्रि के पावन अवसर पर नैनीताल जिले के भीमताल स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही भक्त मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद ले रहे हैं।
भीमताल झील के किनारे स्थित इस प्राचीन मंदिर को शिवरात्रि के अवसर पर दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भक्तिमय माहौल ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है।
द्वापर युग से जुड़ा इतिहास
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर द्वापर युग से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि चंद्र वंश के राजा कल्याण चंद्र ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। तभी से यहां भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना होती आ रही है।
शिवरात्रि पर लगता है भव्य मेला
हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर मन्नतें मांगते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा पूर्ण होती है, जिसके कारण इस मंदिर में लोगों की अपार श्रद्धा है।
मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से पूजा-अर्चना कर सकें।
देवभूमि के इस पावन धाम में गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा भीमताल शिवमय हो गया है।












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