देहरादून: राजधानी स्थित देहरादून जिला न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से बुधवार को हड़कंप मच गया। जिला जज को ई-मेल के माध्यम से मिली धमकी के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया।
तत्काल खाली कराया गया परिसर, पहुंची बम निरोधक टीम
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। न्यायालय परिसर में मौजूद जज, कर्मचारी, अधिवक्ता और आम लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद इमारत के भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
करीब दो घंटे तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान भवन के कोने-कोने की जांच की गई, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। दोपहर लगभग 12:30 बजे टीम के बाहर आने और सब कुछ सामान्य होने के संकेत के बाद लोगों को पुनः अंदर जाने की अनुमति दी गई। इसके बाद न्यायालय का कामकाज दोबारा शुरू हुआ।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी न्यायालय को इसी प्रकार की धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।
मेल में पांच बम लगाने का दावा
जिला जज को भेजे गए ई-मेल में दावा किया गया था कि परिसर में सी-4 और नाइट्रेट से बने पांच बम लगाए गए हैं, जो सुबह 11:15 बजे विस्फोट करेंगे। मेल में यह भी लिखा गया था कि यदि बम स्वतः नहीं फटते तो कुछ लोग अंदर आकर खुद को विस्फोट कर लेंगे।
धमकी भरे पत्र में तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण और ब्राह्मण वर्चस्व का विरोध जैसी बातें भी लिखी गई थीं। अंत में तथाकथित रूप से “पाकिस्तान-डीएमके मॉडल जिंदाबाद”, “डीएमके आईटी विंग चेन्नई”, “तमिल टाइगर ऑफ ईलाम” और “पाकिस्तान आईएसआई” जैसे नामों का उल्लेख किया गया।
पुलिस का बयान
एसपी सिटी प्रमोद कुमार के अनुसार, जिला जज कार्यालय से सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर परिसर को खाली कराया और सघन जांच की। जांच में किसी प्रकार की कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है।
अन्य जिलों में भी मिल चुकी हैं धमकियां
देहरादून से पहले नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग के न्यायालय परिसरों को भी इसी तरह की धमकी मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है। सुरक्षा एजेंसियां इन सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर रही हैं।












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