देहरादून। राज्य कर विभाग ने कर चोरी के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए देहरादून के झाझरा क्षेत्र में संचालित एक कार सर्विस सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि यह सर्विस सेंटर पिछले दो वर्षों से बिना जीएसटी पंजीकरण के संचालित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 70 लाख रुपये की राशि विभाग में जमा कराई गई।
दो साल से चल रही थी कर चोरी, एसआईबी ने मारा छापा
आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देश पर अपर आयुक्त डी.एस. नबियाल और संयुक्त आयुक्त अजय सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (SIB) की टीम ने झाझरा स्थित कार सर्विस सेंटर पर छापेमारी कर दस्तावेजों की गहन जांच की।
जांच में पाया गया कि सर्विस सेंटर का वार्षिक टर्नओवर 20 लाख रुपये से अधिक था, इसके बावजूद न तो जीएसटी पंजीकरण कराया गया और न ही किसी प्रकार का कर भुगतान किया जा रहा था।
संचालक ने स्वीकार की गलती, रिकॉर्ड जब्त
जांच के दौरान सर्विस सेंटर संचालक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए विभाग के समक्ष 70 लाख रुपये की राशि जमा कराई।
टीम ने आय-व्यय से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बिल और रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए हैं। इनकी विस्तृत जांच के बाद वास्तविक कर देनदारी का आकलन कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम में राज्य कर अधिकारी असद अहमद, अनुराग पाठक सहित अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
कई अन्य सर्विस सेंटर भी रडार पर
राज्य कर आयुक्त सोनिका ने स्पष्ट किया कि प्रदेशभर में ऐसे कई कार सर्विस सेंटर और प्रतिष्ठान हैं, जिनका कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक होने के बावजूद वे अब तक जीएसटी पंजीकरण से बाहर हैं।
विभाग ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर लिया है और आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी सघन अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने दो टूक कहा कि कर नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











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