देहरादून। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। राजधानी देहरादून में इन दिनों एलपीजी गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। शहर के कई गैस गोदामों और एजेंसियों के बाहर सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग गैस बुकिंग ही नहीं करा पा रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ता लगातार गैस बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर पर कॉल कर रहे हैं, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं होने के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही। इससे लोग चिंतित होकर सीधे गैस एजेंसियों और गोदामों तक पहुंच रहे हैं।
गोदामों पर सुबह से लग रही कतारें
बुधवार को शहर के कई गैस गोदामों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ देखने को मिली। नया गांव स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह आठ बजे से ही लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई। दोपहर बाद तक सैकड़ों लोग गैस सिलिंडर के इंतजार में खड़े रहे।
एजेंसी की ओर से लगभग 320 उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर वितरित किए गए, लेकिन इसके बाद स्टॉक खत्म हो गया। नतीजतन करीब 60 से अधिक लोगों को बिना गैस सिलिंडर के ही लौटना पड़ा। शहर की अन्य एजेंसियों पर भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
बुकिंग नहीं हो रही, लोग परेशान
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग नंबर पर बार-बार कॉल करने के बावजूद कॉल कनेक्ट नहीं हो रही है। ऐसे में लोग यह समझ नहीं पा रहे कि जब बुकिंग ही नहीं हो रही तो उन्हें सिलिंडर कैसे मिलेगा। इसी वजह से लोग सीधे एजेंसियों का रुख कर रहे हैं।
रेस्टोरेंट और ढाबों पर संकट
घरेलू उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में करीब 19 हजार से अधिक वाणिज्यिक गैस कनेक्शन हैं और हर महीने लगभग 40 हजार से ज्यादा सिलिंडरों की खपत होती है। आपूर्ति बाधित होने के कारण कई छोटे होटल, रेहड़ी-पटरी और ढाबा संचालकों के सामने कारोबार बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन ने दी सफाई
जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल का कहना है कि जिले में गैस की आपूर्ति लगातार जारी है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग कर इंतजार करना चाहिए, एजेंसियों के माध्यम से घर तक सिलिंडर की डिलीवरी की जाएगी। साथ ही गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए टीमें सक्रिय हैं। यदि कहीं कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।












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