देहरादून स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। सहारनपुर निवासी एक मरीज की इलाज के दौरान मौत होने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मरीज की मौत के बाद अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया और करीब 2 लाख 37 हजार रुपये का बिल जमा करने की शर्त रखी गई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने आर्थिक दबाव बनाते हुए शव को रोके रखा, जिससे परिवार को मानसिक और भावनात्मक रूप से गहरा आघात पहुंचा। उनका कहना है कि इस कठिन समय में अस्पताल का रवैया बेहद असंवेदनशील और अमानवीय रहा।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाज के नाम पर भारी-भरकम बिल और मरीजों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल, मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।











Discussion about this post