देहरादून। लच्छीवाला टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के बसंत विहार कार्यालय में प्रोजेक्ट डायरेक्टर से मुलाकात की। पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने टोल प्लाजा से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा और प्लाजा को शिफ्ट न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
एलिफेंट कॉरिडोर में बना टोल प्लाजा, हादसों का खतरा
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि लच्छीवाला टोल प्लाजा एलिफेंट कॉरिडोर पर स्थित है, जिससे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। हाथी और अन्य जानवरों की आवाजाही में बाधा आ रही है, जिससे वन्यजीव-मानव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा, टोल प्लाजा के दोनों ओर तीव्र ढलान होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
पर्वतीय जिलों के वाहनों पर अनावश्यक टोल, कम करने की मांग
सेमवाल ने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा पर पर्वतीय जिलों से आने वाले वाहनों से तीन गुना अधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने टोल दर को दो-तिहाई तक कम करने की मांग की।
महा पंचायत और उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमित सिंह सिसोदिया ने प्रतिनिधिमंडल को सभी मांगों से उच्च अधिकारियों को अवगत कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईस्टवाल ने घोषणा की कि 30 मार्च को डोईवाला ब्लॉक सभागार में पूर्वाह्न 11:00 बजे महा पंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी संगठनों को आमंत्रित किया गया है। इसी दिन शाम 4:00 बजे लक्ष्मी वेटिंग पॉइंट पर भी महा पंचायत होगी, जिसमें टोल प्लाजा को हटाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
पार्टी ने ऐलान किया कि यदि टोल प्लाजा को स्थानांतरित नहीं किया गया, तो 6 अप्रैल को टोल प्लाजा पर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर सुलोचना ईस्टवाल, रजनी कुकरेती, दयाराम मनोरी, नवीन पंत, राकेश जदली, राजेंद्र गुसाईं, विनोद झिंकवान और सुभाष नौटियाल सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।