गैरसैंण (उत्तराखंड)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सोमवार से पांच दिवसीय बजट सत्र शुरू हो गया है। इस बार का बजट सत्र कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के दिन ही सरकार सदन में बजट पेश करने जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस बार वित्त मंत्री के रूप में सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत करेंगे। जानकारी के अनुसार इस बार राज्य का बजट लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत अधिक है।
राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत
बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। अपने अभिभाषण में राज्यपाल सरकार की आगामी योजनाओं, विकास कार्यों और राज्य के समग्र विकास के रोडमैप को सदन के सामने रखेंगे। इसके बाद सदन की अन्य विधायी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
सत्र से पहले कांग्रेस का प्रदर्शन
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता विधानसभा परिसर में बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सड़क पर भी हुआ विरोध प्रदर्शन
बजट सत्र के पहले दिन सदन के बाहर भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ता दिवालीखाल में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी।
गैरसैंण में लौटी रौनक
सरकार और प्रशासन के गैरसैंण पहुंचने के साथ ही ग्रीष्मकालीन राजधानी में रौनक बढ़ गई है। बजट सत्र को लेकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस
सरकार का कहना है कि इस बार के बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, रोजगार, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के संतुलित विकास और पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।












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