मामले में दायर जनहित याचिका पर बीती सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिलापूर्ति कमिश्नर से यह स्पष्ट करने को कहा था कि डीएम द्वारा दोषियों पर लगाई गई रिकवरी को आखिर किस अधिकार के तहत माफ किया गया?
साथ ही रिकवरी फाइल को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए थे।
सरकार ने मांगा अतिरिक्त समय, कोर्ट ने लगाई फटकार
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश गौरव नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सरकार ने रिकवरी फाइल और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मांगा।
कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए आपूर्ति कमिश्नर को मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने के आदेश जारी किए।
क्या है मामला?
हरिद्वार निवासी अभिजीत ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि—
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वर्ष 2021 में सस्ता गल्ला योजना के तहत मिलने वाला 99 कुंतल से अधिक अनाज खराब हो गया
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आपदा राहत का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के बावजूद अनाज न तो वितरित हुआ, न ही सुरक्षित रखा गया
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डीएम उधम सिंह नगर ने जांच के बाद दोषियों से रिकवरी के आदेश दिए थे
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लेकिन बाद में खाद्य आपूर्ति कमिश्नर ने यह रिकवरी माफ कर दी
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि अनाज के साथ-साथ अन्य मदों में आवंटित धन का भी दुरुपयोग किया गया है।
याचिका में क्या माँग की गई?
अभिजीत की याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि—
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सस्ता गल्ला राशन से जुड़े इस बड़े घोटाले की निष्पक्ष जांच की जाए
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दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
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सड़े हुए अनाज के नुकसान की पूरी वसूली दोषियों से करवाई जाए










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