इस जागरूकता वॉक में लगभग 300 बौद्धिक दिव्यांगजन और बच्चे शामिल हुए।
डीएम और सीडीओ ने साथ चलकर बढ़ाया उत्साह
जिलाधिकारी सविन बंसल और सीडीओ अभिनव शाह ने स्वयं दिव्यांग बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर वॉक में हिस्सा लिया। इस दौरान डीएम ने बच्चों से संवाद किया और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि—
“बौद्धिक दिव्यांगजन समाज के अभिन्न अंग हैं। उनके अधिकारों की रक्षा और सुलभ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने समाज में समावेशन (Inclusion) और समान अवसर (Equal Opportunity) सुनिश्चित करने के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
वॉक का रूट और जागरूकता संदेश
यह जागरूकता वॉक दून लाइब्रेरी चौक से शुरू होकर विकास भवन चौक, एस्लेहाल होते हुए पुनः लाइब्रेरी चौक पर समाप्त हुई।
मार्ग में प्रतिभागियों ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से समाज को संदेश दिया:
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दिव्यांग अधिकार (Disability Rights)
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education)
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सुलभता (Accessibility)
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सामाजिक जागरूकता (Social Sensitization)
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता—दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ना
डीएम सविन बंसल ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन मुख्यधारा से जुड़ें और उन्हें हर वह सुविधा मिले जो उनके विकास और आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है।
उन्होंने Rafale Home संस्था और अन्य संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि—
“समाज की भागीदारी से ही दिव्यांगजनों के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है।”
ब्राइटलैंड स्कूल के बच्चों की विशेष भागीदारी
दिव्यांग बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए ब्राइटलैंड स्कूल की लगभग 50 छात्राओं ने भी स्लोगन के साथ वॉक में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी शामिल रहे।
कार्यक्रम का सफल समापन
वॉक के समापन पर सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, Rafale Home के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रियालाल, प्रधानाध्यापक सुरभि, मेघा सहित कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










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