देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की आजीवन सदस्यता ग्रहण करते हुए आपदा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में रेडक्रास द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुले दिल से प्रशंसा की। इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की राज्य मैनेजिंग कमेटी ने महासचिव डॉ. जे.एन. नौटियाल और चेयरमैन ओंकार बहुगुणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रेडक्रास संस्था वर्षों से मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रही है। आपदाओं के समय त्वरित राहत, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का रेडक्रास का संकल्प अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने प्रदेश में रेडक्रास की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
रेडक्रास की भावी योजनाओं पर हुई चर्चा
भेंट के दौरान राज्य में रेडक्रास की आगामी योजनाओं, सेवा कार्यों और आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस मौके पर मैनेजिंग कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश पिंगल और रेडक्रास के ब्रांड एंबेसडर मनीष कसनियाल भी मौजूद रहे।
शीतलहर से राहत के लिए पर्वतीय जिलों को भेजी गई सामग्री
भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शीतलहर को देखते हुए पर्वतीय जिलों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डॉ. रावत ने जानकारी दी कि उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और अल्मोड़ा जिलों के जरूरतमंद लोगों के लिए प्रत्येक जिले को 160 कंबल और 100 तिरपाल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य शीतलहर से प्रभावित गरीब और असहाय परिवारों को समय पर राहत पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में मानव सेवा करना रेडक्रास का मूल दायित्व है और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस कार्यक्रम में रेडक्रास चेयरमैन ओंकार बहुगुणा, महासचिव डॉ. जे.एन. नौटियाल, राज्य प्रतिनिधि (रुद्रप्रयाग) अजय सेमवाल, जिला रेडक्रास समिति देहरादून के डॉ. एम.एस. अंसारी, डॉ. सतीश पिंगल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मसूरी में यूथ रेडक्रास प्रशिक्षण शिविर को बताया सराहनीय पहल
इसी क्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा मसूरी में आयोजित पांच दिवसीय यूथ रेडक्रास प्रशिक्षण शिविर को भी एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल बताया गया। रेडक्रास उत्तराखंड के महासचिव डॉ. जे.एन. नौटियाल ने शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को संबोधित किया।
उन्होंने रेडक्रास के सात सिद्धांत—
मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता—के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. नौटियाल ने कहा कि समाज में रेडक्रास की भूमिका बेहद अहम है और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इसे और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
प्राथमिक चिकित्सा और आपदा प्रबंधन का मिला प्रशिक्षण
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशन और डीन स्टूडेंट वेल्फेयर प्रो. ए.आर. चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में योग, प्रार्थना, प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर, सड़क दुर्घटना, सर्पदंश, जलन और अन्य आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिविर में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के लगभग 52 स्वयंसेवक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। दूसरे दिन सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत नृत्य, गायन और पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
डॉ. जे.एन. नौटियाल ने मसूरी जैसे पर्यटन स्थल पर इस तरह के प्रशिक्षण शिविर को युवाओं में सेवा भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और आयोजकों व स्वयंसेवकों का आभार जताया। वहीं, डीन स्टूडेंट वेल्फेयर प्रो. ए.आर. चौधरी ने रेडक्रास महासचिव को समय निकालकर स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करने के लिए धन्यवाद दिया।










Discussion about this post