हरिद्वार | जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 70 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 38 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण, पेयजल तथा अन्य जनसमस्याओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। ग्राम प्रधान भारापुर कविता रानी ने बिजली घर भारापुर के लाइनमैन के व्यवहार को लेकर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह क्षेत्रवासियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देता और फोन भी नहीं उठाता। उन्होंने लाइनमैन को बदलने की मांग की।
वहीं अनीस अहमद, हसन और इमरान निवासी रणसुरा, तहसील रुड़की ने शिकायत करते हुए बताया कि गांव से लगे जोहड़ और नाले (खाता संख्या 39, खसरा संख्या 19 तथा खाता संख्या 34, खसरा संख्या 26) पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे गांव का पानी सड़क पर भर रहा है। उन्होंने जोहड़ और नाले को कब्जा मुक्त कराने की मांग की।
इसी प्रकार ओमपाल सिंह निवासी ग्राम टंडाटीरा बंजारा ने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार खतौनी में उनके आवासीय भवन पर उनका नाम दर्ज नहीं हो पाया है। उन्होंने नाम दर्ज कर खतौनी जारी करने की मांग की।
रावली महदूद कॉलोनी के निवासियों ने सिडकुल हाईवे से सुरेश सैनी के मकान से लेकर सदानंद बैठा के मकान तक कच्चे रास्ते के कारण आने-जाने में हो रही परेशानी को लेकर पक्की सड़क निर्माण की मांग रखी।
इसके अलावा सुमित सैनी निवासी मूलदासपुर उर्फ माजरा ने बताया कि सिंचाई विभाग के ट्यूबवेल नंबर RG-06 की मोटर 28 फरवरी से खराब पड़ी है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है और फसलें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने मोटर जल्द ठीक कराने की मांग की।
वहीं शिवा कुमार ने मीटर रीडर द्वारा गलत विद्युत रीडिंग दर्ज किए जाने और अधिक बिल वसूली की शिकायत दर्ज कराई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में दर्ज सभी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी सख्ती
बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एल-1 स्तर पर 401 तथा एल-2 स्तर पर 117 शिकायतें लंबित हैं, जिनका शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं से सिस्टम के माध्यम से फोन पर वार्ता कर फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सरिता पंवार, परियोजना निदेशक उरेडा वाई.एस. बिष्ट सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।













