रुद्रप्रयाग। जनपद में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं के बीच वन विभाग ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जखोली रेंज के तैला कक्ष संख्या-07 में ड्रोन निगरानी के दौरान एक व्यक्ति को जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 की शाम लगभग 7:15 बजे जखोली रेंज में ड्रोन कैमरों के माध्यम से वन क्षेत्रों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान तैला क्षेत्र में एक व्यक्ति जंगल में आग लगाता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही वन दरोगा बड़मा अनुभाग और बीट अधिकारी तैला मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने पूरी रात आरोपी की तलाश की। अगले दिन 21 मई को वन विभाग के अधिकारियों ने दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान ग्राम एवं पोस्ट पंद्रोला कुमड़ी, तहसील जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग निवासी व्यक्ति के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपी ने जंगल में आग लगाने की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद वन विभाग ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 (संशोधित 2001) की धारा 26(ख) और 26(ग) के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है। इन धाराओं में आर्थिक दंड के साथ अधिकतम दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
जखोली उत्तरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि विभाग द्वारा ड्रोन कैमरों और कंट्रोल स्टेशन में तैनात फायर वाचरों की मदद से जंगल में आग लगाने वाले व्यक्ति की पहचान की गई। उन्होंने कहा कि फायर सीजन के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति जंगलों या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग आगे भी ड्रोन और आधुनिक तकनीकों की सहायता से वनाग्नि फैलाने वालों पर लगातार नजर रखेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।












