देहरादून : उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे तापमान और हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेशभर में हीट स्ट्रोक से बचाव और उपचार के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी करते हुए प्रत्येक चिकित्सा इकाई में विशेष “हीट स्ट्रोक रूम” बनाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी, ताकि मरीजों को तुरंत और बेहतर उपचार मिल सके।
उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक रूम में आइस पैक, आईवी फ्लूइड, ओआरएस सॉल्यूशन, जरूरी दवाइयां और वेंटिलेटर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी हीट स्ट्रोक से संबंधित आपातकालीन उपचार और प्रबंधन के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मौसम विभाग द्वारा लगातार बढ़ते तापमान की चेतावनी जारी की जा रही है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से हीट स्ट्रोक से बचाव और जागरूकता के लिए पोस्टर, पंपलेट और अन्य प्रचार सामग्री सभी जिलों में भेज दी गई है। जनजागरूकता अभियान के जरिए लोगों को तेज धूप में बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी और तेज धूप के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, तेज बुखार, कमजोरी या बेहोशी जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
- दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें
- अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- शरीर में पानी की कमी न होने दें












