रुद्रप्रयाग। जनपद में एक ओर जिला योजना बैठक में विकास कार्यों के लिए 58 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर जाखणी-टेंडवाल मोटर मार्ग पिछले 13 वर्षों से अधर में लटका हुआ है। सड़क निर्माण पूरा न होने से ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जिला योजना बैठक में जनपद प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आशा नौटियाल भी मौजूद रहीं। सरकार की ओर से विकास कार्यों को गति देने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी गई।
इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि जाखणी-टेंडवाल मोटर मार्ग के निर्माण में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2013 में तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा द्वारा इस मोटर मार्ग को स्वीकृति दी गई थी। इसके करीब दस वर्ष बाद भरत सिंह चौधरी ने सड़क का शिलान्यास किया, लेकिन लोक निर्माण विभाग केवल लगभग 750 मीटर सड़क काटकर ही सीमित रह गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी सड़क का उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। आज भी गांव के लोगों को करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को कुर्सी के सहारे सड़क तक ले जाना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीण मुकेश शाह, धनवीर लाल, लाखीराम कोठारी, मुकेश कोठारी और किशोरी लाल समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने विधायक पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि “5G के दौर में भी पहाड़ के लोग सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो सभी ग्रामीण विधायक कार्यालय रुद्रप्रयाग में उग्र प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय विधायक और संबंधित विभाग की होगी।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जल्द रोड कटिंग का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इस मामले में अभी तक स्थानीय विधायक की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।











