देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जन समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। समाधान दिवस में 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें भूमि विवाद, अतिक्रमण, पारिवारिक उत्पीड़न, आर्थिक सहायता, मुआवजा भुगतान, भूमि पैमाइश और अवैध निर्माण से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाए।
समाधान दिवस में 73 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक रामप्यारी गोदियाल ने पारिवारिक उत्पीड़न, गाली-गलौज, मारपीट और घर से निकाले जाने की शिकायत रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुत्रवधू और पौत्र द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तथा मकान अपने नाम करने के लिए दबाव बनाया जाता है। उन्होंने सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने और वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुआवजा भुगतान में देरी की शिकायत
ईस्ट होपटाउन, विकासनगर के खसरा संख्या 868 और खाता संख्या 614 के भूमि धारकों ने मकान और भूमि के मुआवजे का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मुआवजा भुगतान के लिए फरवरी 2026 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए थे, लेकिन छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। तहसील विकासनगर से रिपोर्ट लंबित होने की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वृद्ध विधवा ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
चन्द्रलोक बस्ती, राजपुर निवासी वृद्ध विधवा यशोदा देवी ने अपने पुत्र और पुत्रवधू पर कथित मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में थाना/चौकी में शिकायत की जा चुकी है। साथ ही पुत्र और पुत्रवधू को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल किए जाने संबंधी सार्वजनिक नोटिस भी प्रकाशित कराया गया है। इसके बावजूद संपत्ति पर उनका कब्जा बना हुआ है।
यशोदा देवी ने विवाद और मारपीट की आशंका जताते हुए स्वयं और परिवार की सुरक्षा की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पुलिस को शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भूमि पैमाइश और सीमांकन के निर्देश
रेसकोर्स, देहरादून निवासी संजय कालरा ने मौजा कोल्हूपानी, तहसील विकासनगर स्थित अपनी भूमि पर पड़ोसी द्वारा कथित रूप से अतिरिक्त तारबाड़ किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि भूमि की पैमाइश के लिए उपजिलाधिकारी विकासनगर को प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बाद तहसीलदार विकासनगर ने लेखपाल को पैमाइश के आदेश दिए, लेकिन अभी तक पैमाइश नहीं हुई।
जिलाधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर को मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए भूमि की पैमाइश और सीमांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बहुमंजिला भवन के निर्माण को लेकर एमडीडीए से रिपोर्ट तलब
दून डिवाइन आवासीय सोसायटी, आईटी पार्क के पीछे वी.डी.जी. ग्रीन फ्लैट्स के निवासियों ने प्लॉट संख्या 75, खसरा संख्या 71ख, मजरा धोरणखास में निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन को लेकर शिकायत की। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि निर्माण नियमों के विपरीत और उनके फ्लैट से सटाकर किया जा रहा है, जिससे भवन की सुरक्षा, वेंटिलेशन और आवासीय परिवारों को परेशानी हो रही है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एमडीडीए की सील के बावजूद निर्माण कार्य जारी है और बिल्डर की ओर से उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने निर्माण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई और अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले में एमडीडीए को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर मांगी स्टेटस रिपोर्ट
कोठारी मोहल्ला और जॉलीग्रांट क्षेत्र के लोगों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी डोईवाला और एमडीडीए के अधिकारियों को प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की शिकायत पर डीएलएसए को निर्देश
समाधान दिवस में एक महिला ने घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से संबंधित शिकायत भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी। महिला ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है और पति द्वारा मारपीट की जाती है।
पीड़िता ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अधिवक्ता और न्यायालय की फीस वहन करने में सक्षम नहीं है। जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पीड़िता को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से दर्ज न किया जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में स्थलीय जांच, नियमानुसार कार्रवाई और शिकायतकर्ता को समयबद्ध राहत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संवेदनशील एवं गंभीर प्रकृति की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को भी कहा।
समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











