देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद लगातार सुर्खियों में है। दोनों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि दोनों 22 साल तक साथ रहे, तो इतने लंबे समय बाद आरोप सामने आने की परिस्थितियों को भी समझना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी पर आरोप लगने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
सीएम धामी बोले- आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही आएगी सामने
22 अक्टूबर को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद को लेकर सवाल किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा मामला जांच का विषय है और आरोप किन परिस्थितियों में लगाए गए हैं, इसकी पड़ताल भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मामले में सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार होनी चाहिए।
ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भी उठाए सवाल
विवाद में सामने आए कथित ऑडियो और बयानों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने जांच की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसी बातचीत में किसी व्यक्ति का नाम आ जाने भर से यह साबित नहीं होता कि वह व्यक्ति भी मामले में शामिल है। ऑडियो रिकॉर्डिंग और बयानों की सत्यता की जांच किए बिना किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और यदि कोई दोषी है तो वह कानून से बच न सके।
राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्यों के आधार पर हो फैसला
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को राजनीतिक नजरिये से दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। आरोपों के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश और वास्तविक अपराध के बीच अंतर समझना जरूरी है। दोषी वही माना जाएगा, जिसके खिलाफ जांच में तथ्य सामने आएं और जिसे कानून के अनुसार दोषी ठहराया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि जांच प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक सवाल न उठें। मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।
रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
दरअसल, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने हाल ही में देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में उन्होंने घरेलू हिंसा और मारपीट समेत कई गंभीर आरोप लगाए।
इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर करीब 200 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस तरह विवाद ने नया मोड़ ले लिया। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
निष्पक्ष जांच पर टिकी निगाहें
रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद में घरेलू हिंसा से जुड़े आरोपों के साथ भ्रष्टाचार के दावे भी सामने आए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद अब मामले की निष्पक्ष जांच और उसके निष्कर्षों पर नजर रहेगी। फिलहाल, आरोपों को अंतिम सच मानने के बजाय जांच के तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना महत्वपूर्ण है।














