देहरादून। रायवाला कोतवाली क्षेत्र के छिद्दरवाला में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कथित अवैध रिफिलिंग के मामले का खुलासा हुआ है। पूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक किराये के मकान में छापा मारकर 94 गैस सिलेंडर और पांच मोटर चालित रिफिलिंग किट बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गैस सिलेंडरों के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे एक लोडर वाहन को भी सीज कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, छिद्दरवाला के एक रिहायशी इलाके में स्थित किराये के मकान में गैस की अवैध रिफिलिंग किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी कर तलाशी ली। इस दौरान बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले।
62 कमर्शियल और 32 घरेलू सिलेंडर बरामद
छापेमारी के दौरान टीम ने कुल 94 गैस सिलेंडर बरामद किए। इनमें 62 व्यावसायिक और 32 घरेलू सिलेंडर शामिल हैं। इसके अलावा मौके से पांच मोटर चालित रिफिलिंग किट भी मिलीं। बरामदगी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि मकान में बड़े स्तर पर गैस की रिफिलिंग का काम संचालित किया जा रहा था।
ऋषिकेश, देहरादून और डोईवाला तक सप्लाई की जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों से कथित तौर पर गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरी जा रही थी। इसके बाद गैस की आपूर्ति ऋषिकेश, देहरादून, डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों में किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि के लिए पुलिस और पूर्ति विभाग की जांच जारी है।
चार आरोपी गिरफ्तार, लोडर वाहन सीज
संयुक्त टीम ने मौके से रामजीत सिंह, सुमित, वीर सिंह और राजीव कुमार को गिरफ्तार किया है। गैस सिलेंडरों की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे लोडर वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रायवाला के एसएसआई विनोद कुमार के अनुसार, पुलिस अब बरामद सिलेंडरों के स्रोत, गैस की आपूर्ति के तरीके और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गैस किन स्थानों पर पहुंचाई जाती थी और इस गतिविधि से जुड़े नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।
रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस और पूर्ति विभाग की जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।













