देहरादून। सजग इंडिया एवं भारत हिमालय युवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून स्थित सीआईएमएस कॉलेज में “राष्ट्र प्रथम, संस्कृति बचेगी तो देश बचेगा” विषय पर एक प्रेरणादायी एवं वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रवाद के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं राष्ट्रवादी विचारक उदय माहुरकर मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि हिमानी वैष्णव, प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा भाजपा उत्तराखण्ड, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन राणा ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत में सीआईएमएस कॉलेज के चेयरमैन एवं शिक्षाविद ललित मोहन जोशी ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सजग इंडिया एवं भारत हिमालय युवा संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे वैचारिक और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि कॉलेज भविष्य में भी युवाओं को सही दिशा देने वाले आयोजनों के लिए सदैव मंच उपलब्ध कराता रहेगा।
मुख्य वक्ता उदय माहुरकर ने अपने संबोधन में कहा कि यदि देश को सुरक्षित और मजबूत बनाना है तो सबसे पहले उसकी संस्कृति की रक्षा करनी होगी। उन्होंने बच्चों और युवाओं पर सोशल मीडिया के बढ़ते नकारात्मक प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त नियंत्रण आवश्यक है। साथ ही उन्होंने पोर्न वेबसाइटों एवं अश्लील सामग्री के निर्माण और प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उदय माहुरकर ने कहा कि देश में बढ़ती दुष्कर्म जैसी घटनाओं के पीछे पोर्न सामग्री एक बड़ा कारण बन रही है, जो युवाओं की मानसिकता को विकृत करती है। उन्होंने समाज से आत्ममंथन की अपील करते हुए कहा कि हमारी जीवनशैली, आचरण और पहनावा सभ्य व मर्यादित होना चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और सांस्कृतिक मूल्य सुदृढ़ हों।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगमोहन राणा ने युवाओं से भारतीय संस्कृति को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमारी पहचान है और आधुनिकता के साथ-साथ युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर भारत हिमालय युवा संगठन के अध्यक्ष अंशुमन, डॉ. अंजना गुसाई, कर्नल जे.एस. नेगी, मेजर ललित सामंत, देवल शर्मा, लोकगायक रोहित चौहान, यूसर्क की पूर्व निदेशक प्रो. डॉ. अनीता रावत, राष्ट्रकवि श्रीकांत श्री सहित विभिन्न सामाजिक एवं वैचारिक संगठनों से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कॉलेज के 800 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही एक सशक्त, सुरक्षित और संस्कारित भारत का निर्माण संभव है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र प्रथम और संस्कृति संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया।










Discussion about this post