Uttarakhand High Court News | Ankita Bhandari Murder Case | Pulkit Arya Appeal
देहरादून- पौड़ी जिले की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य की उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली अपील पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सुनवाई की। कोटद्वार कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ दायर इस अपील पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने निचली अदालत के समस्त रिकॉर्ड तलब करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 18 नवंबर 2025 तय की है।
क्या है मामला?
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंत्रा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थी। 2022 में उसकी संदिग्ध हालत में हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि पुलकित आर्य (रिसॉर्ट स्वामी), सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने उसे चीला बैराज में धक्का देकर मार डाला। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
निचली अदालत का फैसला
30 मई 2025 को कोटद्वार की विशेष अदालत ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 354A (यौन उत्पीड़न) और 201 (सबूत मिटाना) के तहत दोषी पाते हुए पुलकित आर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान कुल 47 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।
हाईकोर्ट में दायर अपील में क्या कहा गया?
पुलकित आर्य की ओर से कहा गया कि:
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कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद नहीं है।
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शव नहर (कैनाल) से बरामद हुआ, जिससे हत्या की परिस्थितियाँ स्पष्ट नहीं होतीं।
सरकार का पक्ष
सरकारी वकील ने दलील दी कि:
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तीनों आरोपियों की लोकेशन घटना स्थल पर पाई गई, जो फोरेंसिक रिपोर्ट में प्रमाणित है।
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अंकिता के व्हाट्सएप चैट में आरोपियों की धमकियों और रिसॉर्ट में हो रही गतिविधियों का जिक्र था।
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घटना के दिन रिसॉर्ट के CCTV कैमरे बंद किए गए और DVR से छेड़छाड़ की गई, जिससे यह एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड की इस चर्चित हत्या की गूंज पूरे देश में सुनाई दी थी। अब हाईकोर्ट इस मामले में पुनः जांच करेगा कि निचली अदालत द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा में कोई त्रुटि है या नहीं। अगली सुनवाई 18 नवंबर 2025 को होगी, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी होंगी।









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