देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में श्रम, गृह, कारागार, वन और सूक्ष्म खाद्य उद्यम से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव कर्मचारियों, उद्योगों और आम नागरिकों पर पड़ेगा।
पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 प्रस्ताव वापस, केंद्रीय कानून होगा लागू
कैबिनेट ने श्रम विभाग से जुड़े पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लेने का निर्णय लिया है। यह प्रस्ताव कोविड काल के दौरान लाया गया था, जिसमें उद्योगों को सरप्लस होने की स्थिति में ही बोनस देने का प्रावधान किया गया था।
हालांकि, चूंकि केंद्र सरकार का पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 पहले से प्रभावी है, इसलिए राज्य सरकार ने 2020 के प्रस्ताव को निरस्त करने का फैसला लिया। यह प्रस्ताव राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली।
अब प्रदेश में केंद्रीय कानून 1965 के तहत ही कर्मचारियों को बोनस का लाभ मिलेगा।
ईएसआई में 94 नए पद सृजित, मेडिकल ऑफिसरों की होगी भर्ती
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) योजना 2026 के तहत नई नियमावली को भी मंजूरी दी गई।
इसके अंतर्गत कुल 94 पदों के सृजन को स्वीकृति मिली है, जिनमें शामिल हैं:
- 76 पद – मेडिकल ऑफिसर
- 11 पद – असिस्टेंट डायरेक्टर
- 6 पद – लेवल-12 अधिकारी
- 1 पद – एडिशनल डायरेक्टर (लेवल-13)
अब तक मेडिकल ऑफिसर पद पर प्रमोशन की व्यवस्था स्पष्ट नहीं थी, जिसे नई संरचना के तहत व्यवस्थित किया जाएगा।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 22 नए पद
गृह विभाग से जुड़े प्रस्ताव में वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
मुख्यालय और जिला स्तर पर कार्यरत इस विशेष इकाई के लिए 22 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य पद शामिल हैं। सभी पद मुख्यालय स्तर के होंगे।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में नशा तस्करी पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है।
आदतन अपराधियों की परिभाषा में संशोधन
वर्ष 2024 में पारित उत्तराखंड कारागार अधिनियम में बार-बार अपराध करने वालों को ‘आदतन अपराधी’ की श्रेणी में रखा गया था।
अब कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि आदतन अपराधियों की पहचान पूर्व प्रभावी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही की जाएगी।
वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान
वन विभाग में कार्यरत 893 दैनिक श्रमिकों में से शेष 589 कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतनमान देने को मंजूरी दी गई है। इससे लंबे समय से वेतन विसंगति झेल रहे श्रमिकों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना रहेगी जारी
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के साथ-साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना भी जारी रहेगी।
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि जब तक केंद्र सरकार की योजना वर्ष 2025-26 तक संचालित होगी, तब तक राज्य की योजना भी प्रभावी रहेगी। इससे प्रदेश के छोटे खाद्य उद्यमियों को आर्थिक सहयोग मिलता रहेगा।
मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसलों से कर्मचारियों, उद्योगों, कानून व्यवस्था और स्वरोजगार से जुड़े वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।










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