उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम धामी ने यह बयान घुसपैठियों और देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों पर हो रही कार्रवाई के संदर्भ में दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करा चुकी है, और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहचाने जा रहे हैं, जिन्होंने बाहर से आकर गलत तरीके से दस्तावेज तैयार किए हैं और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि वे इसके पात्र नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राशन कार्ड, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र सहित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की 10 साल तक की जांच कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश की डेमोग्राफी को सुरक्षित रखना और देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करना है।
सीएम धामी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार विकास और सुशासन का मजबूत मॉडल साबित हुई है, और 2014 के बाद से पूरे देश में एक नई वर्क कल्चर स्थापित हुआ है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, वहां भी डबल इंजन की सरकारें बनेंगी और विकास की गति और तेज होगी।
यह बयान साफ दर्शाता है कि राज्य सरकार सख्त रुख अपनाते हुए अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।










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