शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली एक छात्रा ने खुद को असुरक्षित बताते हुए संस्थान के संचालक और एक सुरक्षा गार्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा की शिकायत पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले ने शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता का आरोप है कि संस्थान परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड लंबे समय से उस पर बुरी नजर रखता था और अश्लील इशारे करता था। करीब एक माह पहले गार्ड ने पार्किंग एरिया में शटर गिराकर उसे बंधक बनाने की कोशिश की, हालांकि वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रही।
छात्रा का कहना है कि घटना के बाद उसने अपने शिक्षण संस्थान के संचालक से शिकायत की, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय टाल दिया। इतना ही नहीं, उसी परिसर में संचालित एक अन्य शिक्षण संस्थान के संचालक ने भी गार्ड के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उसे मानसिक रूप से कमजोर बताकर मामले को दबाने की कोशिश की।
पीड़िता का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने पर संस्थान संचालकों ने उसे ही मानसिक इलाज कराने की सलाह दी और कोर्स का प्रमाणपत्र रोकने की धमकी भी दी। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को जानबूझकर डिलीट कर दिया गया ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।
शिकायतकर्ता मूल रूप से बाजपुर की रहने वाली है और शादीशुदा है। उसका कहना है कि मानसिक उत्पीड़न और किसी अनहोनी की आशंका के चलते उसकी तबीयत भी बिगड़ गई है। छात्रा ने आरोप लगाया कि दोनों संस्थानों के संचालक और सुरक्षा गार्ड आपस में मिले हुए हैं और उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मामले में शहर कोतवाली के थानाध्यक्ष प्रदीप पंत ने बताया कि छात्रा बालिग है और उसकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सभी आरोपियों के बयान लिए जाएंगे और मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।










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