देहरादून: जिला प्रशासन देहरादून ने आपदा प्रबंधन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण कार्यों को तेज करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में 28 जोखिम भरे नदी तटों पर चैनलाइजेशन और सुरक्षात्मक कार्यों को सशर्त मंजूरी दे दी गई।
नदी चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग को मिली हरी झंडी
बैठक में तहसील स्तर से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर नदियों के चैनलाइजेशन, ड्रेजिंग और रिवर ड्रेसिंग कार्यों को स्वीकृति दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
भूस्खलन और बाढ़ सुरक्षा के लिए अहम निर्णय
प्रशासन ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष कार्यों को जरूरी मानते हुए मंजूरी दी, जिनमें शामिल हैं:
- हरिपुर कालसी में यमुना नदी तट पर घाट निर्माण
- कालसी-चकराता मार्ग के जजरेड क्षेत्र में क्रॉनिक लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट
- 28 संवेदनशील नदी तटों पर चैनलाइजेशन कार्य
- एनएच-507 पर पुल सुरक्षा और एबटमेंट कार्य
- बोसाना और व्यासी क्षेत्रों में भूस्खलन उपचार
- चंद्रभागा नदी किनारे रिवर ड्रेसिंग
- जाखन ब्रिज के पास मलबा हटाने के कार्य
संयुक्त समिति करेगी निरीक्षण
इन कार्यों की निगरानी के लिए उपजिलाधिकारी, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है। समिति को मौके पर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
नए प्रस्ताव और सुझाव भी मांगे गए
अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि यदि किसी विभाग के पास नए प्रस्ताव या सुझाव हैं, तो उन्हें जल्द प्रस्तुत किया जाए। साथ ही भविष्य में समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी।
जन सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्य सुधारात्मक होते हैं और इन्हें प्राथमिकता पर पूरा करना जरूरी है ताकि मानसून के दौरान किसी भी संभावित खतरे को कम किया जा सके।











