देहरादून जनपद में लगातार बढ़ती ठंड, घने कोहरे और शीतलहर के गंभीर प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने शीत आपातकाल की घोषणा कर दी है। आम जनजीवन पर पड़ रहे प्रतिकूल असर और संभावित आपदा स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।
जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 30(1), 30(2) एवं 34 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा।
बिना अनुमति नहीं मिलेगा अवकाश
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी जिला स्तरीय अधिकारी का आकस्मिक या अर्जित अवकाश न तो स्वीकृत किया जाएगा और न ही अग्रसारित किया जाएगा। यह निर्णय मौजूदा मौसम परिस्थितियों में त्वरित निर्णय, राहत, बचाव और निगरानी कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिला प्रशासन का कहना है कि शीतलहर और कोहरे के कारण विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और जरूरतमंद लोगों पर खतरा बढ़ गया है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों की तत्परता और अधिकारियों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि शीत आपदा से निपटने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद जारी किया गया है।
उक्त आदेश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून, कृष्ण कुमार मिश्रा के हस्ताक्षर हैं।











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