देहरादून, जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में बुधवार को जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून एवं जिला प्रोबेशन कार्यालय, महिला कल्याण विभाग उत्तराखण्ड द्वारा आश्रय गृह सरफिना ट्रस्ट, क्लेमेंट टाउन में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विभिन्न बस्तियों में निवासरत महिलाओं को सामाजिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
इन क्षेत्रों की महिलाओं ने लिया हिस्सा
इस शिविर में लोहिया नगर, ओगल भट्टा, प्रेम नगर, कावली रोड, पटेल नगर, चंदन नगर और मोहब्बेवाला क्षेत्रों की लगभग 300 महिलाओं ने भाग लिया।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही निम्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई —
- पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)
- किशोर न्याय अधिनियम
- बाल श्रम एवं बाल विवाह निषेध
- बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम
- स्पॉन्सरशिप योजना
- अनाथ प्रमाण पत्र
- चाइल्ड हेल्पलाइन सेवाएं
- गुड टच-बैड टच
- बाल कल्याण समिति (CWC)
- किशोर न्याय बोर्ड (JJB)
बच्चों को पॉक्सो एक्ट से संबंधित शैक्षिक वीडियो भी प्रदर्शित की गई, जिससे उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में वार्ड 78, सुभाष नगर, देहरादून के पूर्व प्रधान एवं पार्षद अभिषेक परमार सहित सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से रश्मि बिष्ट, सम्पूर्णा भट्ट, संरक्षण अधिकारी यशोदा पंवार, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी आशा कण्डारी तथा सरफिना ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने किया।
नियमित रूप से चलेंगे जागरूकता अभियान
जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।











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