देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में उपनल (UPNL) कर्मचारियों को लेकर बड़ा और अहम निर्णय लिया गया है। लंबे समय से लंबित इस मामले में सरकार ने समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर सहमति जताते हुए कर्मचारियों के हक में फैसला किया है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, उपनल कर्मचारियों को इसका लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्रिमंडल ने माना कि न्यायालय के आदेशों और कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों को देखते हुए इस विषय में ठोस निर्णय लिया जाना आवश्यक था। इसी क्रम में मंत्रिमंडलीय उप समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए सरकार ने यह अहम फैसला लिया।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए नियमितीकरण से संबंधित आदेश दिए थे। राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी सरकार को कोई राहत नहीं मिली और याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद उपनल कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका भी दायर की थी, जिससे सरकार पर निर्णय लेने का दबाव लगातार बना हुआ था।
इसी दबाव और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के तहत सरकार ने मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया था। उप समिति द्वारा दी गई सिफारिशों पर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। सरकार के इस निर्णय से राज्य के हजारों उपनल कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के इस फैसले को उपनल कर्मचारियों के संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार इस निर्णय को लागू करने की प्रक्रिया और चरणबद्ध योजना को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी।










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