5 घंटे की जांच में खुली पोल, अनियमितताओं पर गिरी गाज
देहरादून, 03 अप्रैल 2025 (सू.वि.) – मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुलरघाटी स्थित राजकीय अन्न भंडारण केंद्र में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा किया। 5 घंटे की इस गहन जांच में अनाज भंडारण से जुड़े गंभीर घोटाले सामने आए, जिसके बाद डीएम ने सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की।
नियमों की अनदेखी पर डीएम की सख्त कार्रवाई
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एसएमओ निलंबित: वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमओ) विष्णु प्रसाद त्रिवेदी को निलंबित कर दिया गया।
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एआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि: क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (एआरओ) अजय रावत को लापरवाही के चलते प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
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मुख्य विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित: उत्तरांचल अनुशासन एवं अपील नियमावली के तहत जांच शुरू।
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आरएमओ को नए अनाज प्रतिस्थापित करने के निर्देश।
गंभीर अनियमितताएं आईं सामने
निरीक्षण के दौरान अन्न भंडार में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
✅ गुणवत्ता में भारी गड़बड़ी: मिक्स इंडिकेटर मैथर्ड से जांच में क्विंटलों अनाज के नमूने फेल।
✅ भंडारण में लापरवाही: नमी और कीटों से बचाव के लिए आवश्यक रैक नहीं मिले।
✅ कम वजन वाले बोरे: गेहूं के बोरों का औसतन वजन 43 किलो और चावल के बोरों का 47 किलो पाया गया, जबकि नियमानुसार 50.5 किलो होना चाहिए।
✅ रिकॉर्ड में गड़बड़ी: इन्वेंटरी मैनेजमेंट स्टॉक रजिस्टर अपूर्ण और अनैतिक ढंग से तैयार।
✅ फिफो नियमों का उल्लंघन: प्रथम आवक-प्रथम निकासी (FIFO) का पालन नहीं किया गया।
✅ 26 नमूने गुणवत्ता जांच में फेल: 61 में से 26 चावल के नमूने रद्द श्रेणी में घोषित।
जनता की सेहत से खिलवाड़ पर डीएम नाराज
इस अन्न भंडार से गढ़वाल क्षेत्र के आंतरिक गोदामों, सरकारी राशन की दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मिड-डे मील के लिए अनाज सप्लाई किया जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अन्य अन्न भंडारों पर भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।
जल्द हो सकती है अन्य गोदामों पर भी छापेमारी!