ऐसे मतदाताओं के लिए एसआईआर के दौरान लापरवाही भारी पड़ सकती है, क्योंकि दो जगह से फॉर्म भरना या गलत सूचना देना कानूनन अपराध है।
दो जगह नाम होने पर हो सकती है सजा: क्या कहता है कानून?
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-31 के अनुसार:
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अगर किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में पाया जाता है
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या उसने दो स्थानों से एसआईआर फॉर्म भर दिया,
तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस प्रावधान के तहत—
✔ एक साल तक की सजा
✔ जुर्माना
दोनों का प्रावधान मौजूद है।
राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो काम, व्यापार या नौकरी के कारण शहरों में रह रहे हैं, लेकिन गांव में उनका पुराना नाम अभी भी मतदाता सूची में दर्ज है। एसआईआर शुरू होने पर यदि ये दोनों जगह से फॉर्म भरते हैं, तो वे सीधे दंड की जद में आ जाएंगे।
बीएलओ के लिए भी बड़ी चुनौती
शहरी क्षेत्रों में बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करना होगा, लेकिन
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कई लोग घर पर नहीं मिलते,
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कई लोग इस प्रक्रिया से अनजान हैं,
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कुछ लोग दरवाजा भी नहीं खोलते।
ऐसे में एसआईआर के फॉर्म वितरित करना और सही जानकारी एकत्र करना प्रशासन के लिए कठिन साबित हो सकता है।
कैसे बचें कार्रवाई से? एक जगह से अपना नाम हटवाएं
अगर आपका नाम दो जगह दर्ज है, तो एसआईआर से पहले ही इसे एक स्थान से हटवाना ज़रूरी है। इसके लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आसान व्यवस्था उपलब्ध है।
ऑनलाइन नाम हटाने की प्रक्रिया (Form-7):
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चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाएं
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Form-7 (Deletion Form) भरें
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कारण दर्ज करें – अन्य स्थान पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का विकल्प चुन सकते हैं
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दस्तावेज़ अपलोड करें
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ऑनलाइन सबमिट करें
प्रक्रिया पूरी होते ही आपका नाम उस विधानसभा की सूची से हटा दिया जाएगा।
अभी भी समय है—एसआईआर शुरू होने से पहले कर लें सुधार
चूंकि उत्तराखंड में अभी एसआईआर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए मतदाताओं के पास अपने रिकॉर्ड अपडेट कराने का सही मौका है। समय रहते नाम सही जगह पर दर्ज कराना न केवल भविष्य की परेशानी से बचाएगा बल्कि चुनावी प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाएगा।










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