प्रदेश में दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जारी होने की अटकलें तेज हो गई हैं। अंदरखाने तैयारियां अंतिम चरण में बताई जा रही हैं और इसे लेकर सत्तारूढ़ दल के नेताओं से लेकर संगठन तक में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द ही दायित्वधारियों की एक और सूची सार्वजनिक कर सकती है।
खाली पदों का ब्योरा जुटा रहा गोपन विभाग
सूत्रों के मुताबिक गोपन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों से उनके-अपने विभागों में खाली पड़े दायित्वधारी पदों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें विभिन्न निगमों, बोर्डों, समितियों और प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य पद शामिल हैं। इस कवायद को दायित्वधारियों की नई सूची से जोड़कर देखा जा रहा है।
विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बढ़ी उम्मीदें
दायित्वधारियों की संभावित सूची को लेकर विधायकों और वरिष्ठ नेताओं में खासा उत्साह है। कई विधायक अपनी ‘लॉटरी’ खुलने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं लंबे समय से संगठन और सरकार के लिए काम कर रहे वरिष्ठ नेता भी किसी न किसी विभाग में जिम्मेदारी मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
भाजपा नेतृत्व के स्तर पर सहमति लगभग तय
भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच यह चर्चा भी है कि दायित्वधारियों के नामों पर सहमति लगभग बन चुकी है और अब केवल अंतिम अनुमति का इंतजार है। माना जा रहा है कि सूची जारी होते ही संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।
अब तक चार सूचियां हो चुकी हैं जारी
प्रदेश में अब तक दायित्वधारियों की चार सूचियां जारी की जा चुकी हैं। पहली सूची 27 सितंबर 2023 को सामने आई थी, जिसमें 10 नेताओं को दायित्व सौंपे गए थे। इसके बाद 14 दिसंबर 2023 को दूसरी सूची जारी हुई, जिसमें 11 नाम शामिल थे।
पिछले वर्ष 1 अप्रैल को तीसरी सूची जारी की गई थी, जिसमें 20 नेताओं को दायित्व दिया गया। इसके तुरंत बाद 4 अप्रैल को चौथी सूची सामने आई, जिसमें 18 नेताओं के नाम शामिल थे। अब पांचवीं सूची को लेकर तैयारियां तेज हैं और किसी भी समय इसकी घोषणा हो सकती है।
चुनावी रणनीति से भी जुड़ा है फैसला
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दायित्वधारियों की नई सूची केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का भी अहम हिस्सा है। विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए सरकार संतुलित निर्णय लेने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पांचवीं सूची आने के बाद प्रदेश की राजनीति में नया संदेश जाने की संभावना है।










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