भराड़ीसैंण, उत्तराखंड – ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण की पहाड़ियों में इस समय सुनहरी धूप और ठंडी सुबह-शाम का माहौल है। राज्य सरकार की पूरी टीम विधानसभा सत्र के लिए यहाँ मौजूद है। हालांकि, सदन में जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो रही है, लेकिन सदन के बाहर हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि सत्र कब समाप्त होगा।
सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच सदन की अवधि बढ़ाने को लेकर हल्की खिंचतान भी देखी गई। सरकार का कहना है कि विपक्ष नहीं चाहता कि सत्र लंबा चले, जबकि नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि सरकार स्वयं गैरसैंण में रुकना नहीं चाहती और बजट सत्र को जल्दबाजी में निपटाया जा रहा है।
भराड़ीसैंण में अवस्थापना और विकास के काम भी जारी हैं। स्थायी राजधानी के सपनों को साकार करने के लिए सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं का सम्मान होगा और यह केवल एक विधानसभा भवन नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं का प्रतीक है।
सरकार भराड़ीसैंण को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना भी बना रही है, लेकिन इसे पूर्ण रूप से धरातल पर उतारने में समय लगेगा। फिलहाल, अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण सभी केवल कुछ ही दिनों के लिए ही यहां ठहर रहे हैं।












Discussion about this post