लेकिन हाल ही में उत्तराखंड सरकार द्वारा इस मार्ग को दोबारा PWD विभाग को सौंपे जाने से लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है। स्थानीय जनता का कहना है कि BRO की कार्यशैली और गुणवत्ता बेहतर रही है, जबकि PWD इस मार्ग को पिछले 25 वर्षों से उन्नत करने में विफल रहा है।
मुख्य धार्मिक मार्ग होने के कारण सड़क निर्माण अत्यंत जरूरी
यह मार्ग माँ नन्दा देवी राज जात यात्रा का मुख्य मार्ग है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इसी सड़क से होते हुए यात्रा में शामिल होते हैं। वर्तमान में सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि स्थानीय लोग इसे “खतरनाक” और “कभी भी जानलेवा” बता रहे हैं।
स्थानीय जनता और RRP की प्रमुख मांग
क्षेत्रीय जनता और राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने सरकार से यह मुख्य मांग की है—
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99.4 किमी लंबी इस सड़क को PWD के हवाले न किया जाए
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सड़क निर्माण और रखरखाव का कार्य BRO को वापस सौंपा जाए
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केंद्र से स्वीकृत 936 करोड़ रुपये का उपयोग BRO के माध्यम से ही कराया जाए
स्थानीय लोगों का कहना है कि BRO में बड़े पहाड़ी मोटर मार्गों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की क्षमता है।
साथ ही राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) के जिलाध्यक्ष चमोली, वीरेन्द्र सिंह बिष्ट का कहना है कि यह मांग पूरी तरह क्षेत्रीय हित में है। इस सड़क के निर्माण से विकास कार्यों को गति मिलेगी, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कई ब्लॉक और कई महत्वपूर्ण मार्ग इस सड़क से जुड़कर पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे।”
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना
लोकल नागरिकों का कहना है—
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“अगर सड़क BRO बनाएगा तो काम गुणवत्तापूर्ण और समय पर होगा।”
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“PWD इस मार्ग को 25 सालों में भी ठीक नहीं कर पाया, फिर से वही गलती न दोहराई जाए।”
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“यह सिर्फ सड़क नहीं, हमारी धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक जीवनरेखा है।”
क्षेत्रवासियों ने सरकार से हस्तक्षेप की अपील की
लोगों ने उत्तराखंड सरकार और केंद्र नेतृत्व से अपील की है कि—
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BRO को पुनः जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय जल्द लिया जाए
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राजजात यात्रा मार्ग को प्राथमिकता में रखते हुए सड़क को फोर-लेन मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए













