मामला हरिद्वार के प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. जितेंद्र चंदेला के पुत्र डॉ. भावेश चंदेला से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात नंबर से कॉल कर खुद को कुआं खेड़ा, लक्सर निवासी आजाद गुर्जर बताने वाले व्यक्ति ने डॉ. भावेश से ₹3.5 लाख की रंगदारी मांगी। आरोपी ने कहा—
“मुझे आश्रम बनवाना है, इसके लिए तुम्हें साढ़े तीन लाख रुपए देने होंगे।”
जब डॉ. भावेश ने इस गैरकानूनी मांग को सिरे से ठुकराया, तो कॉलर ने उन्हें गोली मारने की धमकी दे डाली।
इस घटना से पूरे चिकित्सक समुदाय में आक्रोश और दहशत का माहौल है। पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि
“पुलिस ने आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रेस कर ली है। गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं और जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।”
यह मामला हरिद्वार की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़ा करता है। धार्मिक नगरी में अगर अब सम्मानित पेशे से जुड़े लोग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता उठना लाजमी है।










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