स्वदेश दर्शन, स्वदेश दर्शन 2.0 और PRASAD योजना के तहत 76 परियोजनाओं को मंजूरी
केंद्रीय पर्यटन मंत्री के अनुसार, स्वदेश दर्शन (SD), स्वदेश दर्शन 2.0, और प्रसाद (PRASAD) योजनाओं के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में कुल 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा तीर्थ स्थल कायाकल्प एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (PRASAD) और कई अन्य योजनाओं को भी लागू किया गया है।
2024–25 में 3295.76 करोड़ की 40 परियोजनाओं को मिली मंजूरी
भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता — वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का विकास’ योजना के तहत—
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23 राज्यों में कुल 40 परियोजनाओं
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3295.76 करोड़ रुपये की लागत
को मंजूरी दी है।
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों का व्यापक विकास, वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करना है।
उत्तराखंड में पर्यटन विकास के लिए जारी बजट (2015–2025)
केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड में विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत जारी निधियों का विस्तृत उल्लेख किया। राज्य में पिछले वर्षों में निम्न प्रमुख परियोजनाओं को धन जारी हुआ—
1. केदारनाथ धाम – एकीकृत विकास (2015–16)
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स्वीकृत: 34.77 करोड़
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जारी: 34.77 करोड़
2. बद्रीनाथ धाम – तीर्थ यात्रा सुविधा विकास (2018–19)
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स्वीकृत: 56.15 करोड़
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जारी: 38.38 करोड़
3. गंगोत्री–यमुनोत्री – तीर्थ यात्रा अवसर रचना (2021–22)
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स्वीकृत: 54.36 करोड़
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जारी: 10.50 करोड़
4. ऋषिकेश – राफ्टिंग बेस स्टेशन (2024–25)
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स्वीकृत: 100 करोड़
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जारी: 66 करोड़
5. चंपावत – टी गार्डन एक्सपीरियंस (2023–24)
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स्वीकृत: 19.89 करोड़
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जारी: 1.99 करोड़
6. पिथौरागढ़ – गूंजी ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर (2023–24)
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स्वीकृत: 17.86 करोड़
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जारी: 1.79 करोड़
7. माणा – Vibrant Village Project (2024–25)
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स्वीकृत: 4.99 करोड़
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जारी: 0.50 करोड़
8. कैंची धाम – परिसर विकास (2024–25)
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स्वीकृत: 17.50 करोड़
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जारी: 1.76 करोड़
9. जांदूंग – उत्सव मैदान (Vibrant Village Program)
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स्वीकृत: 4.99 करोड़
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जारी: 0.50 करोड़
10. कुमाऊँ विरासत परिपथ – कटारमल, जागेश्वर, बैजनाथ, देवीधूरा (2016–17)
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स्वीकृत: 76.32 करोड़
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जारी: 68.91 करोड़
11. टिहरी झील – एडवेंचर स्पोर्ट्स विकास (2015–16)
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स्वीकृत: 59.70 करोड़
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जारी: 59.70 करोड़
हिमालयी राज्यों के लिए कुल आवंटन
पर्यटन मंत्री के अनुसार—
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कुल आवंटित बजट : 1726.74 करोड़ रुपये
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जारी राशि : 1200.46 करोड़ रुपये
यह राशि देश के सभी हिमालयी राज्यों में पर्यटन सर्किटों के विकास पर खर्च की जा रही है।










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