देहरादून | जनमानस के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता एक बार फिर जनदर्शन कार्यक्रम में देखने को मिली। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनदर्शन में जनपद देहरादून सहित प्रदेश के अन्य जिलों से आए फरियादियों की 130 से अधिक शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिन पर गंभीरता, संवेदनशीलता और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनदर्शन केवल सुनवाई नहीं, बल्कि समाधान और सुधार का माध्यम है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए, जिससे प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो।
82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को न्याय, भरण-पोषण अधिनियम में वाद दर्ज
सहारनपुर रोड निवासी 82 वर्षीय संतोष देवी ने जनदर्शन में भावुक होकर बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी संपत्ति पुत्र के नाम गिफ्ट डीड कर दी थी। पुत्र की भी मृत्यु हो चुकी है और बहू द्वारा उनकी देखभाल नहीं की जा रही, जिससे वे लावारिस स्थिति में हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत तत्काल वाद दर्ज कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
एकल व विधवा माताओं की बेटियों की शिक्षा को मिला सहारा
ओगल भट्टा निवासी एकल माता मोनिका की दो बेटियों की शिक्षा पुनर्जीवित करने हेतु प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
वहीं झंडा मोहल्ला निवासी विधवा रेणु देवी की पुत्री अनुष्का की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से तथा पुत्र अर्णीत की फीस माफी के लिए विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
कैंसर पीड़िता उमा रानी को राइफल फंड से आर्थिक सहायता
ग्राम चमेली, नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल) निवासी उमा रानी ने बताया कि उनका पीजीआई चंडीगढ़ में पिछले 5 वर्षों से उपचार चल रहा है और चिकित्सकों द्वारा कैंसर की पुष्टि की गई है।
जिलाधिकारी ने उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए राइफल क्लब फंड से सहायता उपलब्ध कराने हेतु प्रभारी अधिकारी शस्त्र को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पुत्री के विवाह हेतु सुनीता देवी को सरकारी सहायता
गांधीग्राम निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उनके पति लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं तथा आगामी मार्च माह में पुत्री का विवाह प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को शासन की योजनाओं के अंतर्गत विवाह सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
18 माह से लंबित दाखिल-खारिज पर डीएम सख्त, पटवारी निलंबन की चेतावनी
मालदेवता निवासी गौरव पंवार ने 18 माह से लंबित दाखिल-खारिज प्रकरण की शिकायत की। मामला तहसील स्तर पर चिह्नित होने के बावजूद पटवारी स्तर पर लंबित पाया गया।
जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले दिन तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि समय पर रिपोर्ट न मिलने की स्थिति में पटवारी के निलंबन की पत्रावली प्रस्तुत की जाए।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनदर्शन: शिक्षा से रोजगार, उपचार से सहायता तक
जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों को दो-टूक संदेश दिया कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित सर्वोपरि है और प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभानी होगी।
उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी सदर हरिगरि, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विद्युत, एमडीडीए, पेयजल, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










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