कोर्ट का सख्त रुख: धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी पर प्रतिबंध
शहर में बढ़ते विवाद और मातावाला बाग में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ को देखते हुए माननीय कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है। कोर्ट के आदेशानुसार:
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250 मीटर के दायरे में कोई धरना-प्रदर्शन या नारेबाजी नहीं होगी।
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मातावाला बाग में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा, जब तक कि नए प्रवेश नियम लागू नहीं हो जाते।
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नए कुश्ती कोच की नियुक्ति के बाद ही अखाड़े की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित होंगी।
श्री पवन शर्मा को दी गई भावभीनी विदाई
गुरुवार को श्री गुरु राम राय जी अखाड़ा मातावाला बाग के कोच श्री पवन शर्मा के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। 1990 के दशक में ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज ने उन्हें अखाड़े की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। अब स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने अपनी जिम्मेदारी श्री दरबार साहिब को सौंप दी है।
राष्ट्रीय स्तर के कुश्ती कोच की तलाश शुरू
श्री दरबार साहिब प्रबन्धन ने राष्ट्रीय स्तर के अखाड़े को पुनर्जीवित करने और ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए एक अनुभवी कोच की तलाश शुरू कर दी है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर के अखबारों में विज्ञापन भी दिया गया है।
असामाजिक तत्वों पर शिकंजा, कुश्ती शिष्टमंडल से वार्ता
मातावाला बाग में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कुश्ती के नाम पर गलत गतिविधियां किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसको ध्यान में रखते हुए:
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अखाड़े के सभी नए सदस्यों और कार्यकारिणी का वेरिफिकेशन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा करवाया जाएगा।
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पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में श्री दरबार साहिब प्रबन्धन और कुश्ती शिष्टमंडल के बीच वार्ता हुई, जो सकारात्मक रही।
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श्री दरबार साहिब प्रबन्धन ने शिष्टमंडल से कहा कि वे बिना शर्त माफी मांगें, क्योंकि उन्होंने श्री दरबार साहिब के कर्मचारी पर झूठे आरोप लगाए और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया।
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वार्ता दोबारा होगी, जिसमें श्री गुरु राम राय लक्ष्मण विद्यालय, पथरी बाग में एक अत्याधुनिक कुश्ती अखाड़े के निर्माण पर भी विचार होगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियम, सुरक्षा होगी सख्त
श्री दरबार साहिब के मुख्य व्यवस्थापक मधुसूदन सेमवाल ने कहा कि:
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वरिष्ठ नागरिकों को सैर-भ्रमण की अनुमति रहेगी, लेकिन प्रवेश के लिए अनुमति पत्र बनाना अनिवार्य होगा।
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सभी आगंतुकों का रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि नशेड़ी और ड्रग माफिया बाग को अपना अड्डा न बना सकें।
मातावाला बाग का जीर्णोद्धार और शोध केंद्र का निर्माण
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मातावाला बाग में प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है, और बागवानी का कार्य जारी है।
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बाग को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कृषि विभाग को सौंपा गया है, ताकि शोध और अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।
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यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड का पहला विश्वविद्यालय है जिसे ICAR से मान्यता प्राप्त है।
दरबार साहिब की अपील: युवाओं को नशे से बचाएं
श्री दरबार साहिब प्रबन्धन ने स्कूली छात्रों, युवाओं और कॉलेज विद्यार्थियों से अपील की है कि वे नशा बेचने वालों का विरोध करें और मातावाला बाग की गरिमा और हरियाली बनाए रखें।
संभावना है कि आने वाले दिनों में श्री दरबार साहिब प्रबन्धन और कुश्ती शिष्टमंडल के बीच नई रणनीति को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।