देहरादून।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए डोईवाला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के तहत की गई, जिसमें करीब 40 बीघा से अधिक भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
एमडीडीए द्वारा पूर्व में संबंधित भू-मालिकों और डेवलपर्स को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी जारी रहने पर प्राधिकरण ने यह कठोर कदम उठाया।
इन स्थानों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया—
- रियासत अली, मोन्टी एवं आवेद अली द्वारा
कुड़कावाला मार्ग, बीएसएफ कैंप के पीछे, नकट भट्टा, डोईवाला (देहरादून) में
लगभग 30 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग - दीपू रावत द्वारा
झबरावाला, डोईवाला (देहरादून) में
लगभग 8 से 10 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस अभियान में सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाती कोहली, सुपरवाइजर एवं प्रवर्तन टीम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग कानून का उल्लंघन है और आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ भी है। एमडीडीए का लक्ष्य नियोजित, सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना है।”
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भूमि खरीदने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की आर्थिक या कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
सचिव एमडीडीए ने कार्रवाई को बताया विधिसम्मत
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत की गई है।
“अवैध प्लॉटिंग करने वालों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। निर्देशों का पालन न होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रवर्तन कार्यवाही में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अवैध प्लॉटिंग पर आगे भी जारी रहेगी सख्ती
एमडीडीए ने साफ कर दिया है कि अवैध प्लॉटिंग न केवल भविष्य की आधारभूत सुविधाओं पर दबाव डालती है, बल्कि आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान और कानूनी उलझनों में भी फंसाती है। ऐसे मामलों में आगे भी निरंतर और कठोर कार्रवाई की जाएगी।













