हरिद्वार | कुमार दुष्यंत
झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने समस्या से निपटने के लिए एक अलग और विवादित तरीका अपनाया। आम जनता की शिकायतों को लेकर बार-बार चेताने के बावजूद जब बिजली विभाग के अधिकारी नहीं चेते, तो विधायक ने अधिकारियों के ही घरों के विद्युत कनेक्शन कटवा दिए।
विधायक वीरेंद्र जाति का कहना है कि झबरेड़ा क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी इलाकों में लंबे समय से बिना सूचना के बिजली काटी जा रही थी। इससे छात्र, बुजुर्ग, व्यापारी और आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। उन्होंने कई बार बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन और पत्र के माध्यम से इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हालात जस के तस बने रहे।
जब अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो विधायक ने प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों के आवासों की बिजली आपूर्ति कटवा दी। विधायक का तर्क था कि “जब आम जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है, तो अधिकारी भी उसी स्थिति को महसूस करें।”
इस कदम के बाद झबरेड़ा क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे आम जनता के हक में उठाया गया साहसिक कदम बता रहे हैं, तो वहीं कुछ वर्ग इसे कानून और प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ मान रहे हैं।
फिलहाल बिजली विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार है, जबकि स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।













