14 अगस्त को नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए 27 निर्वाचित सदस्यों को मतदान करना था। इनमें से 22 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि शेष 5 सदस्यों के अपहरण की रिपोर्ट तल्लीताल थाने में दर्ज कराई गई। हालांकि, बाद में इन पांचों ने शपथपत्र देकर चुनाव प्रक्रिया से अलग होने की घोषणा की और एक वीडियो जारी कर अपने सुरक्षित होने की जानकारी दी।
जब इस पूरे प्रकरण की जानकारी अदालत तक पहुंची तो मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने इसे जनहित याचिका (PIL) के रूप में दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने नैनीताल के डीएम और एसएसपी को तलब किया। सुनवाई के दौरान डीएम ने कहा कि वह निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पुनः मतदान (Re-Polling) कराने का अनुरोध करेंगी।
चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय भट्ट ने बताया कि पिछली सुनवाई में सभी पक्ष अपनी दलीलें दे चुके थे, कोर्ट यह जानना चाहती है कि इस तरह की स्थिति में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार राज्य निर्वाचन आयोग का है या अदालत का। वहीं, याची की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता देवीदत्त कामथ ने कहा कि वह अपना पक्ष सीधे उच्च न्यायालय में ही रखना चाहते हैं।
नियमावली में री-पोलिंग से जुड़े स्पष्ट प्रावधान न मिलने पर अदालत ने ‘जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचन और विवाद निवारण नियमावली, 1994’ की हैंडबुक तलब की है।
Hi, I’m Seema Rawat, a passionate journalist and blogger. I’ve been writing for a long time on a variety of topics including sports, technology, finance, government jobs, health, and wealth. Through my articles and blogs, I aim to share reliable information, practical insights, and inspiring stories that help readers stay informed and empowered.


Uttarakhand Broadcast एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जहाँ आपको उत्तराखंड, भारत और दुनिया भर की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, शिक्षा और स्थानीय अपडेट्स सबसे पहले और सटीक जानकारी के साथ मिलते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाना है।
© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.
© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.