प्राथमिक शिक्षक पदों पर हुई काउंसलिंग अब शिक्षा विभाग के लिए नई मुसीबत बनती नजर आ रही है। प्रदेश में 1670 प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए 12 जनवरी को एक साथ सभी जिलों में काउंसलिंग कराई गई, लेकिन इस नए प्रयोग ने भर्ती प्रक्रिया को कानूनी दांव-पेंच में उलझाने का खतरा बढ़ा दिया है।
जानकारी के अनुसार, कई जिलों में उपलब्ध पदों से कई गुना अधिक अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंच गए, जिससे डीईओ कार्यालयों में अव्यवस्था और हंगामे की स्थिति बन गई। वहीं कुछ जिलों में अच्छी मेरिट वाले अभ्यर्थी समय पर नहीं पहुंच पाए, जबकि कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कर ली गई।
पहले क्यों होती थी अलग-अलग तिथियों में काउंसलिंग
अब तक प्राथमिक शिक्षक भर्ती में जिलावार और अलग-अलग तिथियों में काउंसलिंग की व्यवस्था रही है। लेकिन विभाग को यह समस्या आ रही थी कि कई अभ्यर्थियों का नाम दो या तीन जिलों की मेरिट सूची में आ जाता था। ऐसे में अभ्यर्थी एक जिले की नियुक्ति छोड़कर दूसरे जिले में ज्वाइन कर लेते थे, जिससे कुछ पद खाली रह जाते थे।
इसी समस्या से बचने के लिए इस बार शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में एक ही दिन काउंसलिंग कराने का फैसला लिया।
मेरिट को लेकर अभ्यर्थियों और विभाग में मतभेद
शिक्षा विभाग का कहना है कि काउंसलिंग के लिए मेरिट सूची पहले ही विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई थी और अभ्यर्थियों को उसी के अनुसार काउंसलिंग में पहुंचना था।
वहीं अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को ही बुलाने के बजाय सभी को एक साथ काउंसलिंग के लिए बुला लिया गया, जिससे पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई।
कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि वे समय पर डीईओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद उनकी काउंसलिंग नहीं हो सकी।
खाली पदों के लिए अलग काउंसलिंग की मांग
अभ्यर्थियों और शिक्षक संगठनों का सुझाव है कि पहले दिन केवल उच्च मेरिट वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराई जानी चाहिए थी। इसके बाद जो पद खाली रह जाते, उनके लिए अगले दिन कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को बुलाया जाना चाहिए था। इससे न तो हंगामा होता और न ही चयन प्रक्रिया पर सवाल उठते।
कानूनी अड़चन की आशंका
कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों के चयन से अब भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ कानूनी चुनौती की आशंका जताई जा रही है। यदि मामला अदालत पहुंचता है तो पूरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लग सकती है।
इस पूरे मामले में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे बात नहीं हो सकी।










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