लगभग 150 प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ज्ञान-विनिमय और शोध आधारित चर्चाओं का प्रभावी मंच बनाया।
कार्डियक इमेजिंग पर केंद्रित सम्मेलन में विशेषज्ञों की गहन चर्चा
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय ‘कार्डियक इमेजिंग’ रहा, जिसके अंतर्गत नवीन तकनीकों, आधुनिक शोध, इमेजिंग प्रोटोकॉल और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित फैकल्टी ने उन्नत कार्डियक इमेजिंग विधियों, क्लीनिकल निर्णयों और बेहतर निदान तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए।
“भविष्य की इमेजिंग एवं उन्नत तकनीकें” विषय पर हुई पैनल चर्चा में
3D इमेजिंग, अल्ट्रासाउंड, कार्डियक CT-MRI, एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स सहित कई पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथियों ने कही महत्वपूर्ण बातें
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अशोक नायक, प्राचार्य (एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. बिमलेश जोशी (एसीएमओ), डॉ. राजेन्द्र गर्ग (प्रेसीडेंट IRIA), डॉ. प्राची काला (सचिव IRIA) और आयोजन सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
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मुख्य अतिथि डॉ. अशोक नायक ने कहा कि रेडियोलॉजी आधुनिक चिकित्सा का मजबूत स्तंभ है। विशेष रूप से कार्डियक, न्यूरो और ऑन्कोलॉजी इलाज में सटीक निदान के लिए रेडियोलॉजी विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत अहम है।
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डॉ. बिमलेश जोशी ने इसे युवा शोधकर्ताओं और रेडियोलॉजी विद्यार्थियों के लिए सीख का श्रेष्ठ अवसर बताया।
युवा शोधकर्ताओं ने बढ़ाया सम्मेलन का स्तर
कार्यक्रम में युवा रेडियोलॉजिस्टों द्वारा प्रस्तुत किए गए पोस्टर और पेपर प्रेजेंटेशन ने शोध, नवाचार और वैज्ञानिक सोच को नया आयाम दिया।
इन प्रस्तुतियों ने मेडिकल शिक्षा एवं तकनीकी अपग्रेडेशन में नई दिशा प्रदान की।
आयोजन समिति का धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में आयोजन चेयरमैन डॉ. राजीव आजाद ने सभी प्रतिभागियों, फैकल्टी और आयोजन टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मेलन रेडियोलॉजी शिक्षा, मेडिकल रिसर्च और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने वाला प्रभावी मंच सिद्ध होगा।
इस अवसर पर
डॉ. एम.एस. कुंवर, डॉ. वी.के. शर्मा, डॉ. तनुज भाटिया, डॉ. मनाली और डॉ. लवप्रीत सिंह भी मौजूद रहे।











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