देहरादून | उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जनपद पिथौरागढ़ की राजी जनजाति के 10 युवक-युवतियों ने अपर्ण संस्था के माध्यम से आयोग में शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस दौरान प्रतिभागियों को उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। आयोग में शिकायतों के पंजीकरण, उनकी जांच प्रक्रिया तथा शिकायतों के निस्तारण से संबंधित समस्त चरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय युवाओं को उनके संवैधानिक एवं मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोग द्वारा मानवाधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित जानकारी पुस्तिकाएं (विवरणिका) भी सभी प्रतिभागियों को वितरित की गईं, जिससे वे भविष्य में अपने अधिकारों के संरक्षण हेतु सही मंच का उपयोग कर सकें।
इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष महोदय एवं आयोग के माननीय सदस्यगणों ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए मानव अधिकारों के महत्व, उनकी उपयोगिता एवं समाज में जागरूकता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का संदेश दिया।
आयोग का यह प्रयास जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें न्यायिक प्रक्रियाओं से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।










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