देहरादून |
ऋषिकेश में समाजसेवी योगेश डिमरी, सुदेश भट्ट और उनके साथियों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने सोमवार को उप जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए सभी गिरफ्तार व्यक्तियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। पार्टी ने इन गिरफ्तारियों को राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई करार दिया है।
“समाजसेवियों को जेल में रखना शर्मनाक” – सुलोचना ईष्टवाल
ज्ञापन सौंपते समय पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि योगेश डिमरी जैसे लोग वर्षों से राज्य में अवैध गतिविधियों, खासकर अवैध शराब कारोबार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“ऐसे समाजसेवियों को जेल में डालना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े करता है। यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई प्रतीत होती है। सरकार को चाहिए कि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे, न कि आवाज उठाने वालों को दबाए।”
पूर्व सैनिकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
जिला अध्यक्ष (सैनिक प्रकोष्ठ) भगवती प्रसाद गोस्वामी ने कड़े शब्दों में कहा कि राष्ट्रवादी नागरिकों का दमन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,
“ये लोग राज्य की सुरक्षा, सामाजिक न्याय और जनहित के लिए लड़ रहे हैं। यदि सरकार ने शीघ्र रिहाई नहीं की, तो पार्टी को प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।”
न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
पार्टी के जिला महामंत्री दयाराम मनौड़ी ने गिरफ्तारी को जनता की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
उनका कहना था कि,
“निर्दोष लोगों को जेल में डालकर न्याय व्यवस्था की साख को कमजोर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को स्वयं हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।”
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला : पार्टी
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोग लंबे समय से सामाजिक कुरीतियों, अवैध शराब कारोबार और जनविरोधी गतिविधियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पार्टी ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच की भी मांग की है।
इन नेताओं की रही मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- भगवती प्रसाद नौटियाल (सैनिक प्रकोष्ठ)
- हेमा कोटनाला (जिला महामंत्री)
- रजनी कुकरेती
- अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने शीघ्र गिरफ्तारी पर पुनर्विचार नहीं किया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।










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