उत्तराखंड ब्रॉडकास्ट ब्यूरो, हल्द्वानी
हल्द्वानी। किसान मकान बचाओ संघर्ष समिति ने गन्ना सेंटर के रामलीला मैदान में एक खुली चर्चा आयोजित कर स्मार्ट प्रीपेड मीटर का कड़ा विरोध किया। इस बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे अपने घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।
संघर्ष समिति के नेतृत्व में आगामी तीन दिनों में गांव-गांव और घर-घर जाकर विरोध स्वरूप हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत, 1000 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।
किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने की साजिश
संघर्ष समिति के संस्थापक एवं किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष किसानपुत्र कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि सरकार किसानों पर आर्थिक बोझ डालने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की आवाज को अनसुना किया गया, तो यह आंदोलन बड़े स्तर पर जनआक्रोश का रूप लेगा।
पूर्व ग्राम प्रधान ललित मोहन नेगी ने कहा,
“गांवों में बिजली विभाग के कर्मचारी अकेली महिलाओं को डराकर जबरदस्ती मीटर लगा रहे हैं। यह सरासर अन्याय है। दो दिन पूर्व ही बिजली विभाग को लिखित सूचना दी गई थी, इसके बावजूद जबरदस्ती मीटर लगाए गए।”
युवा सामाजिक कार्यकर्ता ललित मोहन जोशी ने कहा कि ग्रामीणों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
संघर्ष समिति की आगामी रणनीति
1000 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन को उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के माध्यम से सरकार को सौंपा जाएगा। यदि सरकार इस पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तो गांव में महापंचायत आयोजित की जाएगी। स्मार्ट मीटर विरोधी अभियान के तहत घर-घर जनसंपर्क किया जाएगा। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि यदि जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य बंद नहीं हुआ, तो इसका विरोध बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। समिति ने कहा कि इस स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान नवीन चंद्र दुर्गापाल, चंद्र प्रकाश उपाध्याय, पंकज जोशी, कैलाश कुल्याल, ललित मोहन जोशी, मोहित बेलवाल, नारायण उपाध्याय सहित 55 किसान उपस्थित रहे।