3 बड़े शिक्षण संस्थानों में हो चुकी है रैंडम सैंपलिंग
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोस्टरवार ड्रग टेस्टिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 3 बड़े शिक्षण संस्थानों में सैकड़ों छात्रों की रैंडम सैंपलिंग की जा चुकी है।
आज दूसरे दिन एसडीएम सदर हरिगिरि की टीम ने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में 150 छात्रों का सैंपल लिया।
डीएम की चेतावनी: छात्र सकारात्मक पाए गए तो डीन/संस्थान स्वामी पर होगा मुकदमा
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि—
“यदि किसी स्कूल या कॉलेज में ड्रग टेस्टिंग के दौरान कोई विद्यार्थी पॉजिटिव पाया गया, तो संबंधित डीन और संस्थान स्वामी के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।”
यह कदम इसलिए ताकि संस्थान नशे के मामलों को दबाने या अनदेखा न कर सकें।
ड्रग टेस्टिंग से न घबराएं छात्र और अभिभावक: डीएम
जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान दंडात्मक नहीं बल्कि बचाव और रोकथाम के लिए चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा—
“इस ड्राइव का उद्देश्य विद्यार्थियों और किशोरों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना है। छात्र और अभिभावक बिल्कुल न घबराएं, बल्कि प्रशासन का सहयोग करें।”
सभी संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटी सक्रिय की जाए
प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि:
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एंटी ड्रग्स कमेटी में एक छात्र और एक छात्रा को शामिल किया जाए
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नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तुरंत प्रशासन को दी जाए
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कैंपस एवं सार्वजनिक स्थानों पर मानस हेल्पलाइन (1933), NCV मानस पोर्टल, और डिस्ट्रिक्ट डी-एडिक्शन सेंटर (9625777399) के पोस्टर लगाए जाएं
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हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए
जिला प्रशासन की ओर से नशामुक्ति सेवाओं को बढ़ावा
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रायवाला स्थित ओल्ड एज होम में 30 बेड का नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र चालू
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एम्स ऋषिकेश के साथ एमओयू: 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए रिज़र्व
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जिला प्रशासन का अपना एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन: 9625777399
सीएम के नशामुक्त राज्य के विजन पर तेजी से काम
मुख्यमंत्री के नशामुक्त राज्य के विजन को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने अब पहले से ज्यादा कड़े और व्यापक कदम उठाए हैं। यह ड्राइव छात्रों को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में बड़ा और प्रभावी प्रयास माना जा रहा है।










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