प्रदेश में बेरोजगारी और रोजगार की वास्तविक स्थिति जानने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2026 की शुरुआत की जा रही है। यह सर्वे 11 फरवरी 2026 से शुरू होकर दिसंबर 2026 तक चलेगा। सर्वे के जरिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में घर-घर जाकर रोजगार, बेरोजगारी और श्रम भागीदारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
रोजगार की असली तस्वीर सामने लाने की पहल
पीएलएफएस का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में श्रम बाजार की वास्तविक स्थिति का आंकलन करना है। इसके अंतर्गत यह पता लगाया जाएगा कि कितने लोग वर्तमान में रोजगार में हैं, कितने लोग काम की तलाश कर रहे हैं और कुल जनसंख्या में श्रम शक्ति की भागीदारी कितनी है।
जिले में इस सर्वे के लिए कुल 28 इकाइयों का चयन किया गया है, जिनमें 16 ग्रामीण और 12 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। चयनित इकाइयों में विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर परिवार के मुखिया और अन्य सदस्यों से संबंधित जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करेंगे।
ऑनलाइन तरीके से होगा डेटा संग्रह
सर्वे की पूरी प्रक्रिया CAPI (Computer Assisted Personal Interviewing) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे डेटा सीधे ऑनलाइन दर्ज होगा, जिससे पारदर्शिता और सटीकता बनी रहेगी। एकत्रित आंकड़ों को पहले राज्य सरकार और उसके बाद केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
इन प्रमुख संकेतकों पर होगा फोकस
राष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे इस सर्वे में रोजगार की स्थिति को समझने के लिए निम्नलिखित प्रमुख संकेतकों का उपयोग किया जाएगा:
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR)
- वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR)
- बेरोजगारी दर
- करेंट वीकली स्टेटस (CWS)
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें भविष्य की रोजगार नीतियों और आर्थिक योजनाओं की दिशा तय करेंगी।
सर्वे के मुख्य मानक
सर्वे के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- 15 से 59 वर्ष आयु वर्ग के कार्य करने के इच्छुक स्वस्थ व्यक्ति
- शिक्षा स्तर, रोजगार व बेरोजगारी की स्थिति
- मासिक पारिवारिक व्यय
- पिछले 365 दिनों में किए गए कार्य की अवधि
- एक महीने में काम के दिन और एक सप्ताह में काम के घंटे
- यदि किसी व्यक्ति ने एक घंटे भी काम किया है, तो उसे रोजगार की श्रेणी में शामिल किया जाएगा
- किसी भी आर्थिक गतिविधि से अर्जित आय को रोजगार माना जाएगा
क्या बोले अधिकारी
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार 11 फरवरी से सर्वे प्रारंभ किया जाएगा। सहायक संख्याधिकारी की देखरेख में रोजगार और आजीविका से जुड़ा व्यापक अध्ययन किया जाएगा।










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