हाईकोर्ट के आदेश के बाद UKPSC ने रोक दी मुख्य परीक्षा
नैनीताल उच्च न्यायालय की खंडपीठ—न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक महरा—ने 4 दिसंबर को आदेश पारित करते हुए कहा कि प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न गलत था और उसे हटाकर संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद UKPSC सचिव अशोक कुमार पांडेय की ओर से आधिकारिक तौर पर PCS मुख्य परीक्षा स्थगित करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। आयोग ने कहा है कि नई परीक्षा तिथियां जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर जारी की जाएंगी।
क्या था मामला? याचिकाकर्ताओं ने लगाए यह आरोप
कुलदीप कुमार व अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि PCS प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन (GS) के कुछ प्रश्न गलत तरीके से पूछे गए थे, जिससे मेरिट और कट-ऑफ प्रभावित हुई।
यह परीक्षा डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, वित्त अधिकारी/कोषाधिकारी, राज्य कर अधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत 120 से अधिक पदों के लिए आयोजित की गई थी।
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प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 8 अक्टूबर को जारी हुआ था
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इसमें लगभग 1200 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए थे
याचिकाकर्ताओं ने 4 प्रश्नों पर आपत्ति जताई। सुनवाई के दौरान UKPSC ने भी स्वीकार किया कि सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न गलत था, जिसे हटाया जाना चाहिए था।
कोर्ट ने क्या कहा? विवादित प्रश्नों पर महत्वपूर्ण निर्देश
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा:
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प्रश्न संख्या 70 को पूर्णत: हटाया जाए
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अन्य 3 विवादित प्रश्नों की जांच एक विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) करेगी
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संशोधित प्रारंभिक परिणाम और नई मेरिट सूची जारी होने तक मुख्य परीक्षा कराना उचित नहीं
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मेरिट सूची को 2022 के रेगुलेशन के अनुसार दोबारा तैयार किया जाए।
मुख्य परीक्षा की नई डेट जल्द, अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
अब UKPSC संशोधित प्रारंभिक परिणाम तैयार करेगा और नई मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद ही PCS 2025 की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मुख्य परीक्षा की नई तिथियां आयोग जल्द घोषित करेगा।
यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है जो गलत प्रश्नों के कारण प्रभावित हुए थे, लेकिन मुख्य परीक्षा की तैयारियों में जुटे उम्मीदवारों के लिए यह स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।










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