गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने सर्च अभियान शुरू किया, तो महिला जंगल में खून से लथपथ हालत में मिली। भालू ने उसके चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव कर दिए थे।
कैसे हुआ पूरा हादसा?
बुधवार दोपहर 42 वर्षीय रामेश्वरी देवी घास काटने के लिए जंगल गई थीं। शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उनकी तलाश शुरू की। अंधेरा अधिक होने के कारण खोज अभियान बीच में रोकना पड़ा।
गुरुवार सुबह जैसे ही सर्च दोबारा शुरू हुआ, टीम को महिला जंगल के बीच एक पेड़ के सहारे गिरी हुई मिली। बताया जा रहा है कि भालू ने अचानक हमला किया और उसका चेहरा बुरी तरह नोच डाला। किसी तरह वह खुद को छुड़ाकर पेड़ के पास छिप गई और पूरी रात वहीं डरी-सहमी पड़ी रही।
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है। वन विभाग ने घटना की पुष्टि कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ग्रामीणों में दहशत, इलाके में कांबिंग शुरू
घटना के बाद पाव गांव और आस-पास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने जंगल में भालू की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए कांबिंग शुरू कर दी है।










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