रुद्रप्रयाग में 8 लोग लापता, एक की मौत
रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार और जखोली तहसील में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। छेनागाड़, तालजामण और स्यूर गांवों में कई मकान और वाहन मलबे में दब गए। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 8 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
चमोली व टिहरी में नुकसान
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में बादल फटने से एक घर मलबे की चपेट में आ गया, जिसमें एक दंपती दब गया। वहीं, टिहरी जिले के भिलंगना क्षेत्र में अतिवृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
उत्तरकाशी में बनी झील ने बढ़ाई चिंता
धराली आपदा के बाद अब पापड़ गाड़ (उत्तरकाशी) में भागीरथी नदी अवरुद्ध होकर करीब 100 मीटर लंबी झील बन गई है। इससे बाढ़ का नया खतरा मंडरा रहा है। इसी तरह यमुनोत्री मार्ग के पास स्यानचट्टी में भी भूस्खलन से झील बनने की खबर है।
कुमाऊं में 6 लोगों की मौत
कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले के पोसारी गांव में भूस्खलन से एक भवन ढह गया। इस मलबे में दबकर 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, खटीमा में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
सड़कों पर भी संकट, कई मार्ग बाधित
लगातार बारिश से राज्यभर में नदियां-नाले उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन ने आवागमन रोक दिया है।
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गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे बाधित
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हल्द्वानी-भीमताल मार्ग रानीबाग के पास बंद
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पौड़ी में अलकनंदा का पानी बदरीनाथ राजमार्ग तक पहुंच गया
राहत-बचाव अभियान जारी
आपदा प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार जिलाधिकारियों से संपर्क में हैं और उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा है। धामी ने कहा कि प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है।
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