देहरादून और रुद्रपुर में हुए महिला अपराधों पर आयोग अध्यक्ष ने लिया संज्ञान, कठोर कार्रवाई के आदेश
देहरादून – उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। देहरादून जिले के सहसपुर क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों में से एक के साथ दुष्कर्म और दूसरी के साथ छेड़छाड़ के मामले में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लिया।
सहसपुर कांड: महिला आयोग की कड़ी कार्रवाई
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात जया बलूनी से फोन पर वार्ता की। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
आयोग अध्यक्ष ने थाना प्रभारी सहसपुर से भी इस संबंध में जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
रुद्रपुर में कोचिंग छात्रा से छेड़छाड़ पर भी सख्त कदम
इसी क्रम में, ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर क्षेत्र में कोचिंग जाने वाली 18 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना पर भी महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर “छेड़छाड़ से परेशान युवती ने कोचिंग जाना छोड़ा” पर ध्यान देते हुए कुसुम कंडवाल ने रुद्रपुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) को तत्काल आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
महिला सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस
कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा,
“देवभूमि में महिला सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करें।”
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की यह सक्रियता प्रदेश में महिला सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयोग ने सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और महिला अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।